STORYMIRROR

Deepanshi Kesharwani

Inspirational

4  

Deepanshi Kesharwani

Inspirational

कलम

कलम

1 min
331

मैं कलम हूं

उगते सूरज की आस हूँ

देश का भविष्य हूं मैं

देश के नागरिकों को काबिल बनाती हूं मैं

हां मैं एक कलम हूं।

जब लेख लिखे तो इतिहास

रच जाता है 

जब जज लिखें तो

किसी के लिए न्याय बन जाता है

जब कोई बच्चा लिखे तो 

भविष्य की नींव बन जाता है 

हां मैं कलम हू

जिसने भी थामा मुझे 

साथ छोड़ी नहीं मैं उसका

कलम की स्याही सही लिखा था

देश की आजादी का पन्ना

बच्चों की शैतानी का पिटारा है मेरी स्याही

जो झलक जाती है

रंग में तो कभी शर्ट की छाप में 

मैं कलम हूं

गरीबों का सहारा बन

रोजी रोटी बन जाती हूं मैं

हां मैं फक्र से कहती हूं। 

मैं एक कलम हूं।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational