Mihika Saraf
Action Inspirational
कलम पर प्रहार हो रहा है,
सच्चाई बताने वालो पे वार हो रहा है,
बचाने इस सच्चाई की जुबान को
उस कलम की पहचान को,
नई पीढ़ी का क्रांत तैयार हो रहा ...
लिखा
अंतहीन प्यार
फिल्म
अब आज्ञा पर न...
खोजा
गुलाम थी
कलम पर प्रहार
न्याय और तमाश...
क्षण
दुनिया शब्दों...
ज्ञान का अथाह सागर है यह लाइब्रेरी। ज्ञान का अथाह सागर है यह लाइब्रेरी।
इन शहीदों की तरह जो जान दे सके ऐसा हिंदुस्तानी होना चाहिए। इन शहीदों की तरह जो जान दे सके ऐसा हिंदुस्तानी होना चाहिए।
प्यार से सारे नाते रिश्ते निभाना सुनो मेरी ख़ामोशी के संग मेरी आवाज़ सुनो ! प्यार से सारे नाते रिश्ते निभाना सुनो मेरी ख़ामोशी के संग मेरी आवाज़ सुनो !
ये विश्व है, तो हमारा समाज है... चलिए, हम जनजागरण लाएँ...! ये विश्व है, तो हमारा समाज है... चलिए, हम जनजागरण लाएँ...!
वो कंकड़ ही मिल हिमालय कहलाते, वो कंकड़ ही मिल हिमालय कहलाते।। वो कंकड़ ही मिल हिमालय कहलाते, वो कंकड़ ही मिल हिमालय कहलाते।।
चलो हम भी संग में मकर संक्रांति मनाते हैं ! चलो हम भी संग में मकर संक्रांति मनाते हैं !
यहां लाखों देशभक्तों ने शीश काटकर अपना, स्नेह सिक्त माला आपके अभिनंदन को गूंथी थी। यहां लाखों देशभक्तों ने शीश काटकर अपना, स्नेह सिक्त माला आपके अभिनंदन को गूं...
क्या है गलत, क्या है.. सही, मुझको दे तू बता क्या है गलत, क्या है.. सही, मुझको दे तू बता
जो भी किया उनसे किया दिल ने मेरे, पाक-साफ़ प्यार किया है दिल ने मेरे। जो भी किया उनसे किया दिल ने मेरे, पाक-साफ़ प्यार किया है दिल ने मेरे।
पहले तो मानसिकता से पाओ नंबर फिर साक्षात्कार करो सामने बैठकर। पहले तो मानसिकता से पाओ नंबर फिर साक्षात्कार करो सामने बैठकर।
अन्नदाता कहलाता, फिर भी स्वयं अन्न को रोता है। अन्नदाता कहलाता, फिर भी स्वयं अन्न को रोता है।
अपनी पहचान को खांचे में गढ़ुँ मैं अब अपनी सुदृढ़ हस्ताक्षर हूँ ! अपनी पहचान को खांचे में गढ़ुँ मैं अब अपनी सुदृढ़ हस्ताक्षर हूँ !
जिधर भी देखो खुशी भरी, खुशियों से भरा ये जहां है।। जिधर भी देखो खुशी भरी, खुशियों से भरा ये जहां है।।
आगे बढ़ने के सारे मार्ग बंद हो जाते हैं उन्नति के आसार भी कम होते जाते हैं! आगे बढ़ने के सारे मार्ग बंद हो जाते हैं उन्नति के आसार भी कम होते जाते हैं!
आश्रम या चौका खोल के ये बैठे होते लोगों को ये बेवकूफ बनाते रहते आश्रम या चौका खोल के ये बैठे होते लोगों को ये बेवकूफ बनाते रहते
जब तुम किसी को मौका नहीं देते कैसे उसको अपना दोषी कह देते जब तुम किसी को मौका नहीं देते कैसे उसको अपना दोषी कह देते
सुनो युवा तुम सच्चे लाल हो, भारत माॅं के तुम हो सपूत। सुनो युवा तुम सच्चे लाल हो, भारत माॅं के तुम हो सपूत।
जैसी जिंदगी तुमने जी है उससे हमने बहुत कुछ सीखा जैसी जिंदगी तुमने जी है उससे हमने बहुत कुछ सीखा
कभी कुछ ना कुछ लिखती हूं कभी कुछ ना कुछ सीखती हूं कभी कुछ ना कुछ लिखती हूं कभी कुछ ना कुछ सीखती हूं
जनता की आवाज़ बुलंद करने को बना संविधान! जनता की आवाज़ बुलंद करने को बना संविधान!