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Mihika Saraf

Tragedy


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Mihika Saraf

Tragedy


न्याय और तमाशा

न्याय और तमाशा

1 min 152 1 min 152

ये समाज तमाशा देखता रह जयेगा,

औरतों की अवाज़ दबाई जायेगी,

शर्मो समाज के पैरो तले,

अपने उड़ान भरने वाले पंख पिसवा दी जायेंगी,

मनीषा वाल्मीकि, और इंकी जैसी ही हज़ारो स्त्रियो को,

ये भारत न्याय न दे पाएगा।


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