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Somya Agrawal

Classics

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Somya Agrawal

Classics

ख्वाबों के मन्दिर से

ख्वाबों के मन्दिर से

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ख्वाबों के मन्दिर से,

रोशन चिरागों से,

जगमग ख्वाब आया है।


दीए सी जलती लौ सा,

उजाले से भरा हुआ,

इसे पूरा करना है,

ख्वाबों के मन्दिर से,

रोशन चिरागो से,

जगमग ख्वाब आया है।


हौसले बुलंद हो रोशनी की तरह,

रोशन हो ख्वाब किरणों की तरह,

टिमटिमाते तारों सा चमकता हुआ,

ख्वाबों के मन्दिर से,

रोशन चिरागों से,

जगमग ख्वाब आया है !


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