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Gurudeen Verma

Romance

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Gurudeen Verma

Romance

खुश रहो आप आबाद हो

खुश रहो आप आबाद हो

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आज के बाद अब कब होगा मिलन।

ना मालूम हमें, ना मालूम तुम्हें।।

क्या कहे आपसे,आज के दिन हम।

कहना चाहेंगे बस यही तुम्हें।।

खुश रहें आप आबाद हो।आप ऐसे सदा मुस्कराते रहें ।।

आज के बाद अब-----------------।।

कोई बात नहीं, आप कह नहीं सके।

मौसम आज कुछ ऐसा ही है।।

आँखों में अश्क है, आप मजबूर है।

हाल हमारा भी कुछ ऐसा ही है।।

यह तो रिवाज है, एक ईमान है।

और निभाता है इसको हर कोई।।

आज हम भी निभाकर अपना धर्म।

कहना चाहेंगे तुमसे हम तो यही।।

खुश रहें आप आबाद हो। आप ऐसे सदा मुस्कराते रहें ।।

आज के बाद अब-----------------।।

हर किसी को मिला है अवसर यहाँ।

और संजोते है अपने सपने सभी।।

छोड़ दो तुम मगर करना वहम।

कि मुकम्मल हो अपने ख्वाब सभी।।

जिंदगी को जियो फूलों की तरह।

कांटों में भी रहकर मुस्कराना।।

चाहे समझो हमें तुम गलत आदमी।

फिर भी यही है तुमसे हमारा कहना।।

खुश रहें आप आबाद हो।आप ऐसे सदा मुस्कराते रहें ।।

आज के बाद अब-----------------।।

कैसे भूलेंगे हम आपको ऐ दोस्त।

हमको आवोगे याद तुम हर दिन।।

साथ बिताये पल और यह प्यार।

साथ हम जो रहें यहाँ जितने दिन।।

हम तो करते नहीं यह उम्मीद कभी।

आप भूल जायेंगे इस मिलन को कल।।

हम तो लिखते रहेंगे ये गीत- खत।

और करेंगे दुहाएँ यही हर पल।।

खुश रहें आप आबाद हो। आप ऐसे सदा मुस्कराते रहें ।।

आज के बाद अब-----------------।।


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