Shiv Kumar Sharma
Fantasy
खुद से बाहर
निकल के तो देखो
मेरे दोस्त सब दिखेगा
जो नहीं
दिख रहा फिलहाल !
अच्छी कविता होने पर मुझको देती शाबाशी थी अच्छी कविता होने पर मुझको देती शाबाशी थी
गृहस्थी की चक्की में पिसते हुए,शाम आती है। गृहस्थी की चक्की में पिसते हुए,शाम आती है।
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न म...
बिकी हुई है अदालत जो ठीक दो कीमत, चलो कहीं से गवाहों का इंतिज़ाम करें। बिकी हुई है अदालत जो ठीक दो कीमत, चलो कहीं से गवाहों का इंतिज़ाम करें।
आप बताइये आपने शब्द को कैसे परिभाषित किया...? ये है मेरी परिभाषा और आपकी...? आप बताइये आपने शब्द को कैसे परिभाषित किया...? ये है मेरी परिभाषा और...
सहस्र श्वेत कमल तेरे ही चरणों तले सुगंधित होकर, मेरे हृदय में सदा के लिए विराजेगी ! सहस्र श्वेत कमल तेरे ही चरणों तले सुगंधित होकर, मेरे हृदय में सदा के लिए विरा...
राखी रोली और मिठाई से देखो बहना ने थाल सजाई राखी रोली और मिठाई से देखो बहना ने थाल सजाई
हर अंधेरा मिटा सकूं मैं यहाँ दूर तक जाए रौशनी मेरी हर अंधेरा मिटा सकूं मैं यहाँ दूर तक जाए रौशनी मेरी
उसकी अदाओं की जादूगरी पे हम मर गए एक ही पल में "हरि" दुनिया से बेगाना कर गई। उसकी अदाओं की जादूगरी पे हम मर गए एक ही पल में "हरि" दुनिया से बेगाना कर गई।
सहज सरल है भाषा एकता की यह आशा सहज सरल है भाषा एकता की यह आशा
पत्नी ने, साफ कह सुनाया, ये घर ठीक नहीं है, इसलिए तुम्हारी तरक्की भी, अड़ी है, पत्नी ने, साफ कह सुनाया, ये घर ठीक नहीं है, इसलिए तुम्हारी तरक्की भी, ...
वो गये थे, लड़ने महायुद्ध, जीता था परमवीर चक्र, वो गये थे, लड़ने महायुद्ध, जीता था परमवीर चक्र,
उस सत्य सनातन संस्कृति से आपस का परिणाम भुगतना होता है उस सत्य सनातन संस्कृति से आपस का परिणाम भुगतना होता है
आशिकी का नया-नया जुनून था जिंदगी से दूर। आशिकी का नया-नया जुनून था जिंदगी से दूर।
प्रोफेसर साहब ने, प्रिंसीपल साहब से, माफी मांगी, और लड़के से, मिलने की ठानी। प्रोफेसर साहब ने, प्रिंसीपल साहब से, माफी मांगी, और लड़के से, मिलने ...
खट्टी-मीठी यादों के साथ जम जाता है अपने आप में। खट्टी-मीठी यादों के साथ जम जाता है अपने आप में।
कब नीयत बदल जाये कब किस पे फिसल जाये कब नीयत बदल जाये कब किस पे फिसल जाये
उसका एक दोस्त, बहुत बड़ा ज्योतिषी, जो भी कहता, पत्थर की लकीर होता, उसका एक दोस्त, बहुत बड़ा ज्योतिषी, जो भी कहता, पत्थर की लकीर होता,
ऐसी थी, हमारी नर्सों की, महामारी में कहानी। ऐसी थी, हमारी नर्सों की, महामारी में कहानी।
मिलेंगे फ़िर जीवन धारा में इस कदर क्यों आहें भरते हो। मिलेंगे फ़िर जीवन धारा में इस कदर क्यों आहें भरते हो।