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Bhawna Panwar

Romance

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Bhawna Panwar

Romance

खुद को भी इश्क़ करते देखा है

खुद को भी इश्क़ करते देखा है

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खूबसूरत सा अहसास होने लगा हैं इस दिल को

लगता हैं किसी के इश्क़ का रंग लगने लगा हैं मुझको


यूँ ही तो कई हसीन नज़ारे देखे हैं इन आँखों ने

पर तेरी आँखों की क़ातिलाना नज़रों के सामने मैंने

हसीन वादियों को भी फीका पड़ते देखा हैं,

चलो माना मैने भी खुद को इश्क़ करते देखा हैं


लफ़्ज़ों के दीदार के लिए ज़माने भर को मैंने मरते देखा हैं

पर तेरे एक लफ़्ज़ सुनने को मैने खुद को इतना बेकरार देखा हैं

चलो माना मैने भी खुद को इश्क़ करते देखा हैं


सफर काफी अकेला था पर इस सफर में भी

मैने किसी का हाथ अपने कन्धों पर देखा हैं,

चलो मैने खुद को भी किसी ओर के इस तरह बेक़ाबू होते देखा हैं

माना मैंने भी खुद को इश्क़ करते देखा हैं


तन्हाई से मुलाकात के सफ़र का हर लुफ़्त उठाते देखा हैं

पर तड़पती चाहतों और इबादतों के इस मुलाकात का

इंतज़ार मैंने देखा है

चलो माना मैंने भी खुद को इश्क़ करते देखा है।


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