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सुधीर गुप्ता "चक्र"

Abstract

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सुधीर गुप्ता "चक्र"

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खिचड़ी

खिचड़ी

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बड़ी मेहनत से

कंकड़ बीनने के बाद

बनी हुई खिचड़ी


तुम बड़े चाव से खाते हो

क्या कभी सोचा है

औरत ने

खिचड़ी के साथ-साथ


तुम्हारी जिंदगी के भी

कंकड़ बीन लिये हैं। 


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