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Sneha Kale

Classics Inspirational

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Sneha Kale

Classics Inspirational

कान्हा

कान्हा

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कान्हा की आँखें है प्यारी प्यारी

जिसपे हर गोपी भयी दिवानी


कान्हा के मुख पे हंसी जो आए

गोपियोंका सूद-बुद खो जाए


कान्हा जब मुरली बजाए

गोपियां दौडी चली आए


कान्हा जब माखन चुराए

गोपियों का मन भी चुराए।


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