STORYMIRROR

Purushottam Vyas

Classics

4  

Purushottam Vyas

Classics

ज्यादा उड़ना भी बुरा होता

ज्यादा उड़ना भी बुरा होता

1 min
296

ज्यादा उड़ना भी बुरा होता

गीत लिखे हो मिट्टी पर तो

मिट्टी में मिलना कब बुरा होता


जो दिखते हो उसी रूप में जीना

सच्च युगों से अकेला ही होता...


तुम कैसे चमके हो 

जरा मुझकों समझाओं 

सच्च की बुनियाद का घरोंदा

जरा हिलाकर मुझकों बतलाओं..


ज्यादा उड़ना भी बुरा होता।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics