STORYMIRROR

KISHAN LAL DEWANGAN

Abstract Inspirational

3  

KISHAN LAL DEWANGAN

Abstract Inspirational

जवान (फ़ौज)

जवान (फ़ौज)

1 min
150

फौलादी है जिस्म हमारी

जान हथेली चढ़ा

कदम आगे बढ़ रही हमारी।। 


मिट्टी का कर्ज चुकाना

है बाकी अभी

अभी खून लाल है 

जिस्म सारी लाल होगी हमारी।। 


मिट्टी के पैदावार हैं

गोद में माँ के सो जाएंगे

मुकद्दर नहीं, 

हाथ लकीरे लिखें हैं हमारी।। 


उम्दा है 

जी लेंगे जहान सारी

यह धरती नहीं मां हैं हमारी।। 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract