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Dheeraj Kasturi

Abstract Fantasy

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Dheeraj Kasturi

Abstract Fantasy

जुगनू

जुगनू

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इश्क़ में डूबा हूँ, मजनूँ की तरह

रात में खोया हुआ जुगनू की तरह

कांटों भरी फूलों की ख़ुशबू की तरह

सदियों से दबी हुई, आरज़ू की तरह



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