Pawan Pankaj
Drama
जो आज वो कल हो जाए
जो आज वो आवाज बोली कल।
खुशी के करो पल जी लो
ना आज हो गया कल।
फेर न जाने कब से
कौन सा मायका ना आज ना कल।
दोस्त
जो आज वो कल ह...
बेटी बचाओ, बे...
भीड़
छोड़ इस दुनिया को छोड़ इस दुनिया को
रिश्ता ये बड़ा अनोखा बचपन का त्योहार अनुठा रक्षाबंधन का। रिश्ता ये बड़ा अनोखा बचपन का त्योहार अनुठा रक्षाबंधन का।
मेरी कलम वो आज ख़ामोश है मेरी क़लम वो आज ख़ामोश है। मेरी कलम वो आज ख़ामोश है मेरी क़लम वो आज ख़ामोश है।
आईना जो निहारा, तुम याद आ गये, आईना जो निहारा, तुम याद आ गये,
उस सूने से बंजर आकाश में, मेला कभी ऐसा न था। उस सूने से बंजर आकाश में, मेला कभी ऐसा न था।
ऐसे इन्सान के मन में खुद के अलावा किसी के लिये प्यार नहीं होता। ऐसे इन्सान के मन में खुद के अलावा किसी के लिये प्यार नहीं होता।
काला तिल है आज खुद से नाराज़ हूँ कि सोचती क्यों हूँ इतना मैं। काला तिल है आज खुद से नाराज़ हूँ कि सोचती क्यों हूँ इतना मैं।
उस दिन सब बदल सा गया, और शायद तब मैं सही में पिता बन गया ! उस दिन सब बदल सा गया, और शायद तब मैं सही में पिता बन गया !
सीमाबद्ध कालावधि में सदा रहे पावन, पुनः मिट्टी में ही करना होगा प्रत्यावर्तन। सीमाबद्ध कालावधि में सदा रहे पावन, पुनः मिट्टी में ही करना होगा प्रत्यावर्तन।
माँ की ममता क्या होती है माँ की ममता क्या होती है
छोटी सी प्यारी सी बहना बेबी डॉल मैं भाई उसकी खुशियों का संसार। छोटी सी प्यारी सी बहना बेबी डॉल मैं भाई उसकी खुशियों का संसार।
दहेज़ नहीं, कर्ज़ भी नहीं यही स्वस्थ परंपरा होनी चाहिए। दहेज़ नहीं, कर्ज़ भी नहीं यही स्वस्थ परंपरा होनी चाहिए।
सही अर्थों में रक्षाबंधन तो बंधन है भाई-बहन के अटूट स्नेह का। सही अर्थों में रक्षाबंधन तो बंधन है भाई-बहन के अटूट स्नेह का।
पर हर एक चीज तेरे प्यार के बदले, बहुत छोटा पाता हूँ मैं, बस दिल में तेरी श्रद्धा के, पर हर एक चीज तेरे प्यार के बदले, बहुत छोटा पाता हूँ मैं, बस दिल में तेरी श्र...
बस यूं ही ज़िन्दगी में बस यूं ही ज़िन्दगी में
बाट जोह रही मातृत्व का सुख पाने को तेरी देवकी मैया प्यारी। बाट जोह रही मातृत्व का सुख पाने को तेरी देवकी मैया प्यारी।
इसलिए मृत्यु का वरण कि उसका साथी काल के गाल समा गया है। इसलिए मृत्यु का वरण कि उसका साथी काल के गाल समा गया है।
सर्थकता की मूल पहिचानो करो स्वयं से साक्षात्कार रे। सर्थकता की मूल पहिचानो करो स्वयं से साक्षात्कार रे।
अल्पायु में बनारसी हरिश्चन्द्र बाबू ने अद्भुत कार्य कर दिया कि उनका युग भारतेंदु युग ब अल्पायु में बनारसी हरिश्चन्द्र बाबू ने अद्भुत कार्य कर दिया कि उनका युग भारते...
वो माँ की तरह सुंदर तो नही ,मगर सुंदरता की मूरत है वो मेरी बडी बहिन है "मनु" ,मेरी माँ वो माँ की तरह सुंदर तो नही ,मगर सुंदरता की मूरत है वो मेरी बडी बहिन है "मनु" ,म...