जिंदगी
जिंदगी
जिदगी है अज़ब यारों,
ग़जब इसकी कहानी है।
कभी चाहत का ये दरिया,
कभी आँखों का पानी है।
लगा लो प्रीति का चश्मा,
दिखे दुनिया सुहानी है।
जिंदगी है अज़ब यारों,
ग़जब इसकी कहानी है।
कभी फूलों की ये माला,
कभी कांटों डाली है।
कभी पावन ये गीता है,
कभी विष की ये प्याली है।
जिंदगी है अज़ब यारों,
ग़जब इसकी कहानी है।
न जाए व्यर्थ ये यारों,
ये कुदरत की निशानी है।
नहीं मिलती है फिर काया,
न मिलती फिर जवानी है।
जिंदगी है अज़ब यारों,
गज़ब इसकी कहानी है।
मिला है जन्म मानव का
इसे साकार तुम कर लो।
भलाई थोड़ी सी कर के,
तनिक उपकार तुम कर लो।
जिंदगी है अजब यारों,
ग़जब इसकी कहानी है।
करो तुम कर्म कुछ ऐसा,
नया इतिहास बन जाए।
सभी के नाम से पहले,
तुम्हारा नाम है आए।
जिंदगी है अजब यारों
गज़ब इसकी कहानी है।
करो उल्फत भी कुछ ऐसे,
नयी पहचान बन जाए।
चुनो इक राह तुम ऐसी
नई मिसाल बन जाए।
जिंदगी है अज़ब यारों,
गज़ब इसकी कहानी है।
