STORYMIRROR

Trushna Das

Abstract Inspirational Others

2  

Trushna Das

Abstract Inspirational Others

जिंदगी

जिंदगी

1 min
186

जिंदगी दुःख सुख के समाहार है 

लेकिन किस्मत के ये कैसे खेल है

किसी की जिंदगी खुशियों से भरपूर है

तो किसी के दुःख के लहर है

फिर भी हमें हँस कर कहना है

ये जिंदगी तू जैसी भी है

हमें तू मंजूर है .....हमें तू मंजूर है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract