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Ajay Singla

Abstract

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Ajay Singla

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जिंदगी के रास्ते

जिंदगी के रास्ते

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दोस्त मित्र वो पुराने

याद बहुत आते हैं

माना बहुत दूर हैं पर 

दिल के वो करीब हैं

जिंदगी के रास्ते ,माना कुछ अजीब हैं।


जेब खाली, पर्स खाली

दिल के हम अमीर थे

पैसा अब बहुत है पर

शायद हम गरीब हैं

जिंदगी के रास्ते, माना कुछ अजीब हैं।


तीन चार दोस्त थे 

जान वो छिड़कते थे

भीड़ से घिरा हुआ हूँ

बहुत से रकीब हैं

जिंदगी के रास्ते,माना कुछ अजीब हैं ।


कॉलेज की कैंटीन में

आँख से जो आँख मिली

छोटी सी थी मुलाकात

प्यार की वो नीव है

जिंदगी के रास्ते ,माना कुछ अजीब हैं ।


वो कहीं चली गयी

इतने साल बीत गए

फिर वो मुझको मिल गयी

ये मेरा नसीब है

जिंदगी के रास्ते, माना कुछ अजीब हैं ।


पूरा परिवार है

बच्चों का भी साथ है

प्यार हमको बांधता है

रिश्ते ये सजीव हैं

जिंदगी के रास्ते, माना कुछ अजीब हैं।


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