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सोनी गुप्ता

Inspirational


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सोनी गुप्ता

Inspirational


जिंदगी धुएँ में

जिंदगी धुएँ में

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आज ठहर जा तू क्यों धुएँ में उड़ाता है जिंदगी ,

सब बिखर जाएगा क्यों नहीं संभालता है जिंदगी ,


यदि ऐसा रहा एक दिन सब तुझसे छिन जाएगा ,

अपनी शौक के लिए क्यों धुएँ में बिताता है जिंदगी ,


बदल दे हालात अभी भी वक्त है छोड़ दे धुँआ ,

वरना एक बंजर सा रेगिस्तान बन जाती है जिंदगी ,


इस धुएँ से धीरे -धीरे बिखर जाता है पूरा परिवार,

फिर सँभालने से पहले ही मिट जाती है जिंदगी,


न जाने इस जिंदगी को धुएँ में क्यों ख़राब करता है,

चाहने पर भी कभी लौट कर नहीं आती है जिंदगी ,


छूटेगी सांसे तू परिवार को भी नहीं संभाल पायेगा ,

तेरे साथ तेरे अपनों के लिए भी मौत बन जायेगी जिंदगी ,


हर समय हर मोड़ पर जिसने तेरा साथ निभाया था ,

तूने तो अपने साथ दाँव पर लगा दी उनकी भी जिंदगी II  



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