जीवन-संगिनी
जीवन-संगिनी
जीवन-सफर में था जब मैं अकेला उदास ,
आकर थाम हाथ मेरा -भरा जीवन पथ में प्रकाश।
जीवन सहयात्री मेरी तुम बन गईं,ओ मेरी प्राणेश्वरी,
तू ही तो मेरी जिंदगानी है मेरी प्राणेश्वरी।
बस अब तुझसे ही तो मेरी कहानी है, ओ मेरी प्यारी प्राणेश्वरी।
मातामह के गमन से -जीवन में , छाया था गहन चहुं अंधेरा।
निराशा भरे उस समय में तुम आईं बन आशा - किरण का सवेरा।
जग में आने का नया मकसद मिला,मिली मुझको मदद जब तेरी।
तू ही तो मेरा मकसद बनी,तू ही तो मेरी जिंदगानी है मेरी प्राणेश्वरी।
बस अब तुझसे ही तो मेरी कहानी है , ओ मेरी प्यारी प्राणेश्वरी।
मेरा हर गम सदा तूने बांटा, दफन करके सदा सुख की इच्छा।
मुझे नया जीवन दिया देकर के खून,पास की तूने जीवन-परीक्षा।
देखा नहीं तूने था तब दिन और रात,झेल कष्टों को निभाया था साथ।
कहा मैं हूं जिम्मेदारी तेरी ,तू ही तो मेरी जिंदगानी है मेरी प्राणेश्वरी
बस अब तुझसे ही तो मेरी कहानी है,ओ मेरी प्राणेश्वरी।
मेरी मंजिल को आसां बनाया ,मेरे जीवन में सुख भर दिया है।
बिना पाए कोई सुख भी मेरे संग, हर घड़ी साथ हमदम दिया है।
जिस काम को करने में है कोई ग़म,वह तूने बर्तन कर दिया है।
निभाई तूने हॅ॑स के सदा जो थी जिम्मेदारी मेरी,
तू ही तो मेरी जिंदगानी है मेरी प्राणेश्वरी
बस अब तुझसे ही तो मेरी कहानी है, ओ मेरी प्राणेश्वरी।
भटक जाता हूं पथ से कभी तो -मार्गदर्शन तुम करती हो मेरा।
जीवन के हर भ्रम-जाल में,पथ-प्रदर्शन सदा पाता मैं तेरा।
इस जहां की हर पूंजी है तू, और तू ही है हर शक्ति मेरी।
देती सदा मुझे असीम प्यार, माफ कर देती हर त्रुटि मेरी।
तू ही तो मेरी जिंदगानी है मेरी प्राणेश्वरी।
बस अब तुझसे ही तो मेरी कहानी है,ओ मेरी प्राणेश्वरी
कर्ज तेरा ये सारा है जीवन ,उऋण इससे कभी न हो सकूंगा ।
एक जीवन बड़ा ही है छोटा, अनेक जीवन में भर न सकूंगा।
छांव तेरे आंचल की हर जीवन में मिले, मुझको तमन्ना है तेरे प्यार की।
तू ही तो मेरी जिंदगानी है मेरी प्राणेश्वरी।
बस अब तुझसे ही तो मेरी कहानी है ओ मेरी प्यारी प्राणेश्वरी।
