Shubhi Agarwal
Abstract Classics Inspirational
अगर आंसू ना होते तो
आँखें खूबसूरत कैसे लगती
अगर दर्द ना होता तो
खुशियों की अहमियत कैसे पता चलती
अगर भगवान ना होते तो
लोगों को अपना दायरा कैसे पता चलता।
जिंदगी का खेल
जिंदगी की पहल...
हर कोई एक सा ...
जिम्मेदारियां
माँ शक्ति
क़लम की जुबा
स्त्री
स्त्री होना आ...
मोहब्बत
रंग भेद
ख़ुदी मिटा कर दूजों को अपनाती हूँ मैं, फिर भी किसी के ध्यान कभी नहीं आती हूँ मैं। ख़ुदी मिटा कर दूजों को अपनाती हूँ मैं, फिर भी किसी के ध्यान कभी नहीं आती हूँ म...
इंसान को बुद्धि देकर किया तुमने कितना उपकार इंसान को बुद्धि देकर किया तुमने कितना उपकार
और मेरी इस कविता को तुम पढ़ना चाहोगे बार बार। और मेरी इस कविता को तुम पढ़ना चाहोगे बार बार।
तुम कभी ये कह नहीं सकते किस में कम किस में ज्यादा है। तुम कभी ये कह नहीं सकते किस में कम किस में ज्यादा है।
दो पल ही खिलना यहाँ, फिर सब माटी धूल। दो पल ही खिलना यहाँ, फिर सब माटी धूल।
आ गए वापिस फिर से मेरे पास क्या काम है बोलो तभी आए हो इधर आ गए वापिस फिर से मेरे पास क्या काम है बोलो तभी आए हो इधर
जब मैं बोल भी नहीं पाता था.. सिर्फ़ मेरे इशारों से मैंने उन्हें हर ख्वाहिश पूरा करते दे जब मैं बोल भी नहीं पाता था.. सिर्फ़ मेरे इशारों से मैंने उन्हें हर ख्वाहिश पूर...
दिल की भावनाएं मस्तिष्क समझे नहीं, दिल को मस्तिष्क की बातें माननी नहीं, सही ग़लत का उलझन दिल क... दिल की भावनाएं मस्तिष्क समझे नहीं, दिल को मस्तिष्क की बातें माननी नहीं, सही ग़लत...
क्रोध मेरे आकाश को आया और लगा वो तुम्हें दिखाने बहुत जतन से मना रही हूँ कह कर कि तुम बदल जाओगे... क्रोध मेरे आकाश को आया और लगा वो तुम्हें दिखाने बहुत जतन से मना रही हूँ कह कर क...
सपनों में जगह नहीं होती है निराशा की, खुशियों की चाहत हमें भर जाती है। सपनों में जगह नहीं होती है निराशा की, खुशियों की चाहत हमें भर जाती है।
जो विकसित हो कर सपनों को साकार बनाये। जो विकसित हो कर सपनों को साकार बनाये।
दिल में कसक सी बाकी रह जाती है दिल में कसक सी बाकी रह जाती है
मन उदास हो गया और फिर मेरा ‘गंतव्य’ आ गया। मन उदास हो गया और फिर मेरा ‘गंतव्य’ आ गया।
तब हरेक बिस्तर के पास एक पियानो भी होना चाहिये। तब हरेक बिस्तर के पास एक पियानो भी होना चाहिये।
नीर भरी अंखियों में तुमने, पीड़ा की गहराई दी, नीर भरी अंखियों में तुमने, पीड़ा की गहराई दी,
इसीलिए मुझसे ही मुझको, कई बार तूने ही मिलवाया है। इसीलिए मुझसे ही मुझको, कई बार तूने ही मिलवाया है।
कैसे पूजा हो माँ तेरी, या कि करूँ मैं पाठ। जाने कैसी बुद्धि हमारी, उम्र हो&n... कैसे पूजा हो माँ तेरी, या कि करूँ मैं पाठ। जाने कैसी बुद्धि हम...
तेरा बुत बनू और बंद रहूँ मंदिर के तालों में, तेरा बुत बनू और बंद रहूँ मंदिर के तालों में,
डूबने वाले का उदय निश्चित है बस भोर का इंतज़ार करने में आलस ना हो। डूबने वाले का उदय निश्चित है बस भोर का इंतज़ार करने में आलस ना हो।
इसकी गोद में सिर रखकर अब हम इतने बड़े हुए, यह जननी माता प्यारी, हम सबकी पालन हारी, इसकी गोद में सिर रखकर अब हम इतने बड़े हुए, यह जननी माता प्यारी, हम सबकी पालन...