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Anita Sharma

Inspirational

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Anita Sharma

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जीवन है महोत्सव

जीवन है महोत्सव

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तारीखें बदलती ही है हर साल करवटें,

सब ज़िन्दगी जीने का... जज़्बा जगायें;


बहुत कोमल है हृदय... सहेज कर रखें,

यादकर बीती बातों को न दिल दुखायें;


जीवन में छल करने वाले बहुत मिलेंगे,

कभी उनके हाथों न अपनी डोर थमायें;


खुद से भागना आसान तो लगेगा बहुत,

थोड़ा ठहरें खुद ही खुद को गले लगायें;


नीरसता ना जन्में आह्लादित रहे तनमन,

जीवन है एक महोत्सव ...उमंग से मनायें।


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