जीना सीखा दे मुझे
जीना सीखा दे मुझे
जिन्दगी आज जीना सिखा दे मुझे
देवता से मिरे अब मिला दे मुझे
हो बिमारी हज़ारी मुझे तोड़ती
हाथ से भोज अपने खिला दे मुझे
लोग देखें जले प्यार का रूप रँग
इश्क़ में लाज़वाबी वफा दे मुझे
सर्दियाँ हैं सताती मुझे रात दिन
ओढ़नी ओढ़ सँग गुनगुना दे मुझे
याद आती पुराने दिनों की सखे
छेड़ कर साज वो सिलसिला दे मुझे
देख जिसमें सकूँ मैं सनम आपको
चाहते नैन जो आइना दे मुझे।
