झूठ की राह को तज देना
झूठ की राह को तज देना
मानवीय मूल्यों की माला
देखो ऐसे ही कभी तुम,
काम कोई ये मत करना।
झूठ की राह पर चलके यूँ ही,
बदनाम खुद को मत करना।
झूठ की राह लगे आसान भले पर,
उस राह को तुम तज देना।
झूठ नहीं टिकता ज्यादा दिन,
ये बात तुम भी समझ लेना।
झूठ की राह के साथी हैं जो,
उन पे भरोसा मत करना।
वक़्त आने पर सभी बदल जाते,
इस बात को मन में तुम धरना।
झूठ की राह के सुख हैं क्षणभंगुर,
ये सच्चाई स्वीकार तुम कर लेना।
झूठ का अंत होता बेहद ही बुरा,
ये सोच के उससे किनारा कर लेना।
जीवन जिसके लिए मिला है तुमको,
उस बात को अच्छे से समझ लेना।
सच्चाई की राह पर चलके हरदम,
जीवन खुद का तुम सफल करना।
