Chetan Gondaliya
Inspirational
बड़े हो कर खारे,
क्यूँ कर बन जाएं ?
हो कर छोटे, मीठे
बहना अच्छा !
बड़ाई-दंभ का
लवण-सागर
क्यूँ कर बने??
इससे बेहतर
लगे मर कर
सूखना अच्छा !!
माँ प्रकृति के प्यारे
हम झरने न्यारे ।
निवृत्त सेनान...
सबसे सच्चा और...
सफर जारी है.....
सूख लगे...
फ़ुरसत
समय बहरा होता...
जरूरी था...
सीख लो..
किये होंगे...
इल्म सीख कर की कमाई, मेहनत व्यर्थ नहीं हो भाई ! इल्म सीख कर की कमाई, मेहनत व्यर्थ नहीं हो भाई !
पेड़ बन कर अमरलताओं को समेट ले खुद में कल तुम्हें बुला रहा है। पेड़ बन कर अमरलताओं को समेट ले खुद में कल तुम्हें बुला रहा है।
अपने मुश्किलों एवं डर का सामना करना ही हमें जीवन में आगे ले जाता है। अपने मुश्किलों एवं डर का सामना करना ही हमें जीवन में आगे ले जाता है।
पिता ने बहुत मारा उस रात माॅं को दरवाजे के पीछे खड़ी सहम गई। पिता ने बहुत मारा उस रात माॅं को दरवाजे के पीछे खड़ी सहम गई।
छोटी सी असफलता से क्यों इतना घबराए हो विजय भिन प्रयास नहीं मिलती कुछ अनोखा तू कर छोटी सी असफलता से क्यों इतना घबराए हो विजय भिन प्रयास नहीं मिलती कुछ...
सुबह जहाँ से दूर तुम आए गलती का जो हुआ एहसास सुबह जहाँ से दूर तुम आए गलती का जो हुआ एहसास
शाम को घर लौट आया यह बहुत बड़ी बात है ! शाम को घर लौट आया यह बहुत बड़ी बात है !
आगे तो बढ़ जाती हम बेटियां पर अपनों से लड़कर कहां जाती हम बेटियां। आगे तो बढ़ जाती हम बेटियां पर अपनों से लड़कर कहां जाती हम बेटियां।
धर्म की अधर्म पर जीत का संवाद है ये सत्य के प्रहार का घंघोर शंखनाद है धर्म की अधर्म पर जीत का संवाद है ये सत्य के प्रहार का घंघोर शंखनाद ह...
इस शोर मचाती दुनिया के बीच अपनी आवाज़ की अलग ही खनक है। इस शोर मचाती दुनिया के बीच अपनी आवाज़ की अलग ही खनक है।
पहाड़ों से लड़ी हारी गुमी, फिर भी नहीं खोई। जीव प्यारे धरा के सब, सोच के तब नहीं सोई पहाड़ों से लड़ी हारी गुमी, फिर भी नहीं खोई। जीव प्यारे धरा के सब, सोच क...
यही नेक नियति हर मानव में आ जाये यही नेक नियति हर मानव में आ जाये
यही सच्ची इंसानियत व मानवता की सीख है। यही सच्ची इंसानियत व मानवता की सीख है।
ख़ुशी दें नहीं सकते तो गम देने की वजह भी ना बनो ! ख़ुशी दें नहीं सकते तो गम देने की वजह भी ना बनो !
नशा मुक्त संसार हो, ऐसा हो अभियान। नशा मुक्त संसार हो, ऐसा हो अभियान।
पेड़ खूब लगाऊंगा जन-जन तक संदेश पहुंचाऊंगा। पेड़ खूब लगाऊंगा जन-जन तक संदेश पहुंचाऊंगा।
पुनर्विचार जो इज़्ज़त देगा हर काम को। पुनर्विचार जो इज़्ज़त देगा हर काम को।
बुढ़ापे की ऐसी सनक बुढ़ापे की ऐसी सनक
अब मेरी बारी है दोस्ती निभाने की अब मेरी बारी है दोस्ती निभाने की
हम सब एक जुट हो जाए तो पार करेंगे हर शिखर हम सब एक जुट हो जाए तो पार करेंगे हर शिखर