जहाँ दिल वहा मै
जहाँ दिल वहा मै
दिमाग ओर दिल का रिश्ता है गहरा
एक जान दे एक जान लेे
सच हो या झूट दिल जीस पे आता
वही राह चलता-फिरता
दिल ने उसे पुकारा मै दौडी चली आई
तु है मै हू आशिक़ी है हसींन
तु कोसो दुर है फ़िर मै तेरे दिल मे
जनाब ऐतबार नही जो
जहां दिल वहा हम
रख हाथ दिल पे बन्द आँखों में
हम नजर ना आये तो बोल।
