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अनुरोध श्रीवास्तव

Romance

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अनुरोध श्रीवास्तव

Romance

जग जीवन के पार प्रिये

जग जीवन के पार प्रिये

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इस जग जीवन के पार प्रिये

है नश्वर यह संसार प्रिये

इस जन्म मरण की दुनिया में

है प्यार नहीं व्यापार प्रिये।


क्लान्त पथिक चलता जाता

जीवन की मरूभूमि में

बहती नदिया सा चंचल

तू जीवन का रसधार प्रिये।


इक झीना सा पर्दा है

बस तेरे मेरे बीच प्रिये

मैं पर्दे के इस पार खड़ा

तू पर्दे के उस पार प्रिये।


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