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मन हिंदी कविता पथिक दरअसल मृत्यु ही हमारे जीवन को सुंदर बनाती है। मृत्यु न होती तो जीवन में इतना आकर्षण नहीं होता। जीवन के बोझ से क्लांत स्पर्श निस्पृह उग्र स्वागत करता है - "अहा मृत्यु !!" धर्म समग्र संध्या चंचल कृष्ण चिल्लाना जर्जर शरीर कामना करता है तनाव कर्म सलाह योनी शून्य

Hindi क्लांत Poems