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Akanksha Hatwal

Inspirational


4.5  

Akanksha Hatwal

Inspirational


जायज़

जायज़

1 min 214 1 min 214

बद लोग जायज़ है उन्हें

लेकिन क्यों बदनाम नहीं

रुतबे से मतलब है उन्हें

जो दे झूठी शान सही


झूठ कहना जायज़ है उन्हें

लेकिन क्यों बुरा अंजाम नहीं

तन हो जाए कामयाब चाहे

दिल - ए - नाकाम सही


गुनाह करना जायज़ है उन्हें

लेकिन क्यों इल्ज़ाम नहीं

मिल जाए बस शोहरत

चाहे खून बहे सस्ते दाम सही


खुशहाल सवेरा जायज़ है उन्हें

लेकिन क्यों गमगीन शाम नहीं

गहरे रिश्ते से है मतलब

चाहे समाज में गुमनाम सही


झुके सर जायज़ है उन्हें

लेकिन खुद करना सलाम नहीं

हो महफूज़ अपनी मुस्कान

चाहे सबकी हो जाए तमाम सही।


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