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Manjeet Kaur

Inspirational

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Manjeet Kaur

Inspirational

जागो

जागो

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अशान्ति फैली है चारों ओर

दंगे फसाद हैं चारों ओर 

लोग लड़ रहे आपस में 

जातिवाद समाया दिल में 

जागो, जागो, जागो, जागो 


छोड़ क्लेश, स्नेह बढाएँ 

छोड़ भेद, सहयोग बढाएँ

छोड़ नफरत, प्यार बढाएँ

छोड़ विनाश, विकास बढाएँ

जागो, जागो, जागो, जागो 


मानवता के गुण अपनाएँ 

मैत्री, करुणा, प्यार बहाएँ

विश्व शान्ति का संदेश फैलाएँ

भावनाओं को न ठेस पहुँचाएँ

जागो, जागो, जागो, जागो 


हम चलें अपने नियमों पर 

प्रकृति चले अपने नियमों पर 

दोनों हैं विपरीत एक दूजे के 

पशुता छोड़, मानवता अपनाएँ 

जागो, जागो, जागो, जागो 


छोटा बड़ा न कोई होता 

सब हैं ईश्वर की सन्तान 

भाईचारा फूले जगत में 

सहयोग का भाव हो सबमें 

जागो, जागो, जागो, जागो


परिवार है मेरा ये वसुधा 

साथ चलें और साथ बढ़ें

युद्ध न समाधान कोई 

दिल जीते पर देश नहीं

जागो, जागो, जागो, जागो। 


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