जागो ए इंसान
जागो ए इंसान
ऐ इंसान क्या धरती माँ से
तेरा कोई सरोकार नहीं
आने वाली पीढ़ी गर है प्यारी
पृथ्वी के संरक्षण की लो ज़िम्मेदारी
इस अर्थ का सहयोग न किया तो
ना जाने कैसा अनर्थ हो जाएगा
क्या पृथ्वी ही हमारी कर्ता धर्ता
हम उसके सिपहसालार नहीं
जब जन्म लिया धरती से स्वर्ग पर
तो क्यों नर्क बनाने को हो आतुर
इसकी रखवाली में लगा दो दिलो जान
बन भक्षक ना करो इसका अपमान!
