STORYMIRROR

Sensitive Sonu

Abstract Drama Inspirational

4  

Sensitive Sonu

Abstract Drama Inspirational

इश्क किया कर

इश्क किया कर

1 min
206

अपने आपसे कभी इश्क किया कर

खुदको अपने ही इश्क से नवाजा कर।


दुनियावाले तेरी मोहब्बत को भले ही ना समझे,

तु अपने इश्क पे गुरुर किया कर।


चांद निकलने पर छुप जाया कर,

चांदनी को बी कभी बक्षा कर।


अपना अंदाज कभी बयां कर, 

जितना पूछे उससे कम बताया कर।


कभी खामोश रेह कर बहुत कुछ केह दिया कर, 

होठों से कम ओर निगाहों से बात किया कर।


हो सके तोह खुदसे मोहब्बत किया कर, 

अपने जज्बातों को बयां कर। 

खुदको समंदर बनाके दरिया से मिलजाया कर।


अपने आपसे भी इश्क किया कर

खुदको अपने ही इश्क से नवाजा कर।


ଏହି ବିଷୟବସ୍ତୁକୁ ମୂଲ୍ୟାଙ୍କନ କରନ୍ତୁ
ଲଗ୍ ଇନ୍

Similar hindi poem from Abstract