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Shayar Praveen

Abstract

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Shayar Praveen

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इंतज़ार

इंतज़ार

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किसी के आने का इंतज़ार,

किसी के जाने का इंतज़ार।


कुछ होने का इंतज़ार,

कुछ न होने का इंतज़ार।


वो तो कहकर गए हैं,

बैठो कर लो थोड़ा इंतज़ार।


कभी कुछ पाने का,

कभी कुछ खोने का इंतज़ार।


बैठे-बैठे सर खुजला रहें हों,

लगता हैं कर रहे हो इंतज़ार।


इन सब से बिल्कुल अलग हैं

मेरा तेरे लिए इंतज़ार...


गली से गुज़रने का इंतज़ार,

मुड़कर पीछे देखने का इंतज़ार।


तेरा शर्माकर नजरें झुकाने का इंतज़ार,

मेरे इज़हार के बाद तेरे हाँ का इंतज़ार।


मैं कब से कर रहा हूँ इंतज़ार,

अब तो इंतज़ार को भी हैं इंतज़ार

कब ख़त्म होगा मेरा इंतज़ार...


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