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Anjana Singh (Anju)

Abstract

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Anjana Singh (Anju)

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" इंतजार के लम्हें "

" इंतजार के लम्हें "

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इंतजार के लम्हें भी

होतें हैं बड़े अज़ीब

हमेशा इंतजार रहता है

मगर जल्दी आते नहीं करीब


कोई इंतजार करता है

जिंदगी के लिए

और किसी की जिंदगी 

गुजर जाती है 

यूं ही इंतजार में


उदासी और गम से जुझतें लोगों कों

खुशी का इंतजार रहता है

शाम के ढ़लनें के बाद

सुबह का इंतजार रहता है

जैसें विरह के बाद 

मिलन का इंतजार रहता है


हर किसी की ऑंखें 

ना जानें कितनें सवाल करती है

ध्यान से गर देखें तों

किसी ना किसी का इंतजार करती है


जो लोग बिछड़ जाते हैं

इस दुनिया से चले जाते हैं

कभी ना भूल पाते हम उनकों

मन को उनका हमेशा दीदार रहता है

सच में हमेशा उनका इंतजार रहता है


सरहद पर गए बेटे का

 हमेशा इंतजार रहता है

एक मां की ममता का

एक पत्नी के प्रेम का

एक बहन के स्नेह का

मालूम है वह नहीं लौटेगा

फिर भी हमेशा इंतजार रहता है 


गहरी खामोश सड़कों पर जब

दूर-दूर तक नहीं कोई दिखता है

तब सड़के भी उदास रहती शायद

उसे राहगीरों का इंतजार रहता है


घर का आंगन सूना हो जाता 

जब बच्चे बाहर चले जाते हैं

किलकारिया हमेशा गूंजती रहती

मन वही रमा सा रहता

हर माॅं को तों उनके 

लौटने का इंतजार रहता है


जब फसलें सुखी पड़ जाती हैं

विपदा किसानों पर आ पड़ती है

इस फसल को बचाने के लिए

किसानों को बारिश का इंतजार रहता है


इंतजार कभी खत्म नहीं होता

हमेशा चलता रहता है

लोग इंतजार करते रह जाते हैं

समय यूं ही गुजर जाता है।


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