Kumar Sonu
Action
इंकलाब अमर रहे
भारत के भाल पर हिमालय
रूपी ताज अमर रहे
दुनिया के हर कोने में
इस हिंद का राज अमर रहे
जब भी पड़ी जरूरत
हम बन कर शेर दहाड़े हैं
मगर गंगा की लहरों में
शांति का साज़ अमर रहे
इंकलाब अमर रहे !
इंकलाब
इन्कलाब
सूरज चाँद और तारे आदि सभी प्रकृति संसाधन, सूरज चाँद और तारे आदि सभी प्रकृति संसाधन,
साधारण से असाधारण की यात्रा सफल यह करवाये ।। साधारण से असाधारण की यात्रा सफल यह करवाये ।।
माता पिता से शुरू होती ज़िंदगी, बचपन से बुढ़ापे तक ही ज़िंदगी। माता पिता से शुरू होती ज़िंदगी, बचपन से बुढ़ापे तक ही ज़िंदगी।
परिहास या लज्जा का नहीं अभिमान का विषय होंगे प्रतीक्षा रहेगी अनवरत ....... परिहास या लज्जा का नहीं अभिमान का विषय होंगे प्रतीक्षा रहेगी अनवरत .......
क्या हम अपना घर छोड़कर किसी विशेष कार्य के लिये यहां आये हैं, क्या हम अपना घर छोड़कर किसी विशेष कार्य के लिये यहां आये हैं,
मैं नहीं रह सकता उसे नहीं छोड़ सकता आराम है मैं नहीं रह सकता उसे नहीं छोड़ सकता आराम है
परिवार के जीवन की सबसे बड़ी विशेषता मिल जुलकर एक घर में रहना है, परिवार के जीवन की सबसे बड़ी विशेषता मिल जुलकर एक घर में रहना है,
आगाज़ होने से पहले अंजाम पर पहुँच ख़त्म हुई। आगाज़ होने से पहले अंजाम पर पहुँच ख़त्म हुई।
निर्भय निश्चिन्त निःशोक होकर प्रभु के सर्वथा अनन्य शरण में होना। निर्भय निश्चिन्त निःशोक होकर प्रभु के सर्वथा अनन्य शरण में होना।
पढ़ कर बैठे हैं सब देखो अभी तक सरकार ने उन्हें अफसर नहीं बनाया। पढ़ कर बैठे हैं सब देखो अभी तक सरकार ने उन्हें अफसर नहीं बनाया।
पैरहन-ए-ख़ाक एक दिन सब ने होना, चार दिन की जवानी गुरुर नहीं करना। पैरहन-ए-ख़ाक एक दिन सब ने होना, चार दिन की जवानी गुरुर नहीं करना।
पैसा फेंक कर किसी को भी झुका सकते है। दुनिया को उंगलियों पर नचा सकते हैं। पैसा फेंक कर किसी को भी झुका सकते है। दुनिया को उंगलियों पर नचा सकते हैं।
नवीन भारत के निर्माता और एकीकरण कर्ता जिन्होंने सदैव ही ठोस और उचित परामर्श दिया, नवीन भारत के निर्माता और एकीकरण कर्ता जिन्होंने सदैव ही ठोस और उचित परामर्श द...
तुझमें ही खोया रहता हूँ, अब बात बनाना ठीक नहीं। तुझमें ही खोया रहता हूँ, अब बात बनाना ठीक नहीं।
यादों की बस्ती बिल्कुल वीरान पड़ी, यादों की बस्ती में तेरी बची यादें रही। यादों की बस्ती बिल्कुल वीरान पड़ी, यादों की बस्ती में तेरी बची यादें रही।
संदेश को प्रसारित किया और प्रतिवाद और विरोध को अभिव्यक्ति दी। संदेश को प्रसारित किया और प्रतिवाद और विरोध को अभिव्यक्ति दी।
समझाया जाना भीष्म पितामह द्वारा फिर भी मन वेदना व्यथित रहना। समझाया जाना भीष्म पितामह द्वारा फिर भी मन वेदना व्यथित रहना।
अगर छूना है आसमान तो याद रखने का, मेहनत डटकर करना व हौसला रखने का। अगर छूना है आसमान तो याद रखने का, मेहनत डटकर करना व हौसला रखने का।
काटना ये सफ़र हमारा इस सहारे, कभी तो एक होगे गली के किनारे। काटना ये सफ़र हमारा इस सहारे, कभी तो एक होगे गली के किनारे।
जमीर बेच के जिसने खरीदा है रुतबा। गुलामी की है सगीर उसने खुद्दारी नहीं की। जमीर बेच के जिसने खरीदा है रुतबा। गुलामी की है सगीर उसने खुद्दारी नहीं की।