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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

"इंद्रधनुष रंग"

"इंद्रधनुष रंग"

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आसमां का देखकर इंद्रधनुष

होता है, यह हृदय बहुत खुश


प्रकृति लगती है, सुंदर दुल्हन

जब दिखता है, रंगीन सुमन


हृदय में उठती है, नवीन उमंग

इंद्रधनुष साथ, वर्षा होती संग


मन हो जाता, एकदम संतुष्ट

पहली वर्षा का होता शगुन


हल्की धूप साथ रंगीन बदन

तब दिखता, नभ में इंद्रधनुष


मन मयूर यूं हो जाता, प्रसन्न

जैसे तम में चमकता कुंदन


इंद्रधनुष रंग, सिखाते, जीवन

सुख-दुःख में साथ रहो, सब


न छोड़ो एक दूजे का हाथ तुम

धूप हो, छांव साथ रहो तुम


जैसे, इंद्रधनुष में साथ आते 

ओर साथ ही जाते, सब रंग


वैसे परिवार साथ दो, तुम

जैसे इंद्रधनुष के होते, रंग


जीवन की वैसे लड़ो जंग

जैसे लड़ते है, इंद्रधनुष रंग


मर जाओ, चाहे मिट जाओ

कभी स्व वजूद न छोड़ो तुम


यह कहते है, इंद्रधनुष रंग

गमों में न छोड़ो स्व सुगंध



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