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Vihaan Srivastava

Inspirational

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Vihaan Srivastava

Inspirational

इज्जत ख़ातिर ईश

इज्जत ख़ातिर ईश

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राजा के घर जन्म हैं लेते, इज्जत ख़ातिर ईश 

साधु भी है वही ठहरता, जहां तो झुका शीश 

गुरुजन भी सम्मान में देते, भर भर कर आशीष 

बेइज्जती में न देवता रुकते, न रुकते गिरीश 


आंखों में आंसू भर लो या तो लो सारे पाप 

ईश्वर को बस दिखा सदा हैं कितने सच्चे आप। 


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