दहलीज
दहलीज
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जीवन में सीमा होना जरूरी है
लक्ष्य प्राप्ति में कोसों दूरी है
हर चार पग में गर मंजिलें मिले तो
संसार की हर एक राह नूरी है।
मर्यादा कभी भी बिखरने नहीं देती
आफत विपत्ति उभरने नहीं देती
बंध जाते है जों उसूलों से जग में
उनकी छवि को बिगड़ने नहीं देती।
मन में संकल्प की होती है आहट
सीमाएं जीवन में देतीं मुस्कुराहट
टिक नहीं सकती वो नींव हरगिज़
जिसकी भी कमजोर होती बनावट।
