Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Saurabh Mishra

Tragedy


4.8  

Saurabh Mishra

Tragedy


इज़हार

इज़हार

1 min 126 1 min 126

क्या करूँ तेरा ख्याल भी नहीं कर सकता मैं

वरना उस आँख में मेरे लिए क्या कुछ न था।


ये भी सच है कि उसने कभी कुछ कहा नहीं 

ये भी सच है कि उससे कुछ छुपा न था।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Saurabh Mishra

Similar hindi poem from Tragedy