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Abhishek Singh

Abstract

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Abhishek Singh

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ईश्वर

ईश्वर

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जो कण कण में है।

जिससे जीवन है।

जिससे मरण है।

जो सर्वत्र है।

जो पवित्र है।

जिसका स्वरूप अनंत है।

जिसका अंश प्रेम है।

जिसका दूसरा रूप,

माता और पिता हैं।

वही तो ईश्वर हैं !

वही तो ईश्वर है !


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