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Yashraj Rawal

Drama Romance

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Yashraj Rawal

Drama Romance

हथेली का चाँद

हथेली का चाँद

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तुम्हारे हाथों में एक चाँद देखा था मैंने
जिसे तुम हर रात देख कर सोती थी।
क्या अब भी तुम
अपने हाथ की लकीरें देखती हो
सोने से पहले ?
ज़रा देखो,
उसमें एक चाँद डूब गया होगा...!


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