STORYMIRROR

Bhoopal Kishore

Abstract

4  

Bhoopal Kishore

Abstract

हर्षित मन

हर्षित मन

1 min
375

हर्षित मन 


हर्षित मन, सुखदायक है

संसार की सभी चीजों से निहित

अपने अन्तर में सुख और आनंद है

संसार के दर्दों से हमेशा मुक्त


हर्षित मन, सत्यम है

संसार की सभी चीजों से निहित

अपने अन्तर में सत्य और ईमान है

संसार के झूठों से हमेशा मुक्त


हर्षित मन, स्वच्छता है

संसार की सभी चीजों से निहित

अपने अन्तर में स्वच्छता और शुद्धता है

संसार के अंधेरों से हमेशा मुक्त


हर्षित मन, समृद्धि है

संसार की सभी चीजों से निहित

अपने अन्तर में समृद्धि और सफलता है

संसार के असफलताओं से हमेशा मुक्त

हर्षित मन, प्रेम है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract