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RAMAN KHOSLA

Tragedy

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RAMAN KHOSLA

Tragedy

हर किसी ने कसूरवार ठहरा दिया

हर किसी ने कसूरवार ठहरा दिया

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हर किसी ने कसूरवार ठहरा दिया,

जहां गए एक और इल्जाम लगा दिया,

खुद के दामन के दाग दिखे नहीं उनको,

तीन उंगलियों को खुद की तरफ और एक को मेरी तरफ उठा दिया।



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