STORYMIRROR

Shubhi Agarwal

Abstract Inspirational

3  

Shubhi Agarwal

Abstract Inspirational

होसलों की उड़ान

होसलों की उड़ान

1 min
289

बुलंद कर अपने हौसलों को

तू जीत कर दिखा


हँसने वाले बहुत है यहाँ

तू उनको कुछ कर दिखा


कीचड़ में भी सोना मिलता है

तू सूरज जैसा बन के दिखा


 जब भी देखे दुनिया तुझको 

 उनको हीरे जैसी चमक दिखा।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract