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yasmeen abbasi

Abstract

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yasmeen abbasi

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होली

होली

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क्या होली और क्या दीवाली

सारे रंग फीके हैं 

गर धर्म के नाम पर लोग तीखे हैं।

होली है त्यौहार हिन्दू का 

पर मुस्लिम भी इसे मनाते हैं 

हिंदुस्तान की शान निराली 

यहाँ हर दिल में इज़्ज़र हर त्यौहार की 

होली पर है घुँजियाँ से यारी 

लोग गुलाल उड़ाते हैं 

मुस्लिम भी टीका पूरे सम्मान से करते हैं।

होली के रंग अनेक हैं

पर लोगों के दिल एक है 

त्तीखी-तीखी वाणी से न लोगों का दिल जलाओ

हर त्योहार पवित्र हैं जिन्हें प्रेम से सबके साथ बनाओ।



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