STORYMIRROR

somadatta kulkarni

Inspirational

4  

somadatta kulkarni

Inspirational

होली

होली

1 min
320


होली के रंग

अद्भुत नवरंग

खेल खेले कान्हा

राधा के संग


कान्हा के संग

रंग में डुबी

राधा खो गई

अपना ही रंग


दुनिया से बेखबर

राधा खो गई

ऐसा हुआ असर

कान्हा में समा गई


रास क्रीड़ा करते

गोपी खुद को खो गई

कृष्ण कृष्ण कहते

मानो कृष्ण हो गई

 

मीरा भक्ति में डुबी

सुधबुध खो गई

छोड़ दिया संसार

खुद शाम बन गई



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational