सतीश मापतपुरी
Abstract
होली के रंगों में
ऐसी मस्ती जो
भर जाती अंगों में।
गोरी के अँचरा पे
पवन मचल जाता
नयनों के कजरा पे।
लबों पे पसीना है
पोंछ दुप्पटे से
रंग का महीना है ।
छुप के निकली गोरी
रंग लिए बैठा
की जम के बरजोरी।
चुनाव के भगवा...
मोबाइल
परिंदा
नशा
नासूर
जाल
तिरंगा
सावनी दोहे
जय हिन्द
नारी
यूँ प्रेम से रहने से हिन्द की धरती जन्नत से सुंदर होगी। यूँ प्रेम से रहने से हिन्द की धरती जन्नत से सुंदर होगी।
चाहे मिटाओ, चाहे खिलाओ तुम्हीं हो जीवन के सर्व-सर्वाधिकार। चाहे मिटाओ, चाहे खिलाओ तुम्हीं हो जीवन के सर्व-सर्वाधिकार।
ना जाने कौनसा पल आखरी हो जिंदगी में, तू खुशी से जी जिंदगी में। ना जाने कौनसा पल आखरी हो जिंदगी में, तू खुशी से जी जिंदगी में।
उनकी तुलना दूसरों से नहीं की जा सकती, हम उन्हें 'डॉक्टर' के रूप में जानते है। उनकी तुलना दूसरों से नहीं की जा सकती, हम उन्हें 'डॉक्टर' के रूप में जानते है।
भगवान के यहाँ लगती है थोड़ी देर फिर हमें ना है किसी बात का डर। भगवान के यहाँ लगती है थोड़ी देर फिर हमें ना है किसी बात का डर।
एक रियासत की चाल को बदल दे है वही विजेता जो सब कुछ समझ ले। एक रियासत की चाल को बदल दे है वही विजेता जो सब कुछ समझ ले।
सब का चहता और खास है बना दूरवाणी। सब का चहता और खास है बना दूरवाणी।
छोड़ कर निज वतन कूच करते रहे, रास्ते न मिले और सफर कर रहे। छोड़ कर निज वतन कूच करते रहे, रास्ते न मिले और सफर कर रहे।
और न कोई मुद्दा बनता, हर कोई होता सहमत, पर्यावरण भी रहता सुरक्षित। और न कोई मुद्दा बनता, हर कोई होता सहमत, पर्यावरण भी रहता सुरक्षित।
समय मापे चाहे शंकु-सूर्य-जल -इलेक्ट्रानिक या रेत घड़ी। समय मापे चाहे शंकु-सूर्य-जल -इलेक्ट्रानिक या रेत घड़ी।
किताबों की दुनिया भी कितनी अजीब है अंधकार को प्रकाशित करती ये नाचीज़ है। किताबों की दुनिया भी कितनी अजीब है अंधकार को प्रकाशित करती ये नाचीज़ है।
हम हिन्दुस्तानी हैं इस पर गर्व करो तो कोई बात बने। हम हिन्दुस्तानी हैं इस पर गर्व करो तो कोई बात बने।
जहाँ हाथ उठाएँ क्या ऐसी कोई अर्श की चौखट है कहीं। जहाँ हाथ उठाएँ क्या ऐसी कोई अर्श की चौखट है कहीं।
मैं साथ तुम्हारे हूँ तुम भी अब हाथ बढ़ाना। मैं साथ तुम्हारे हूँ तुम भी अब हाथ बढ़ाना।
अब इस वक़्त को थामने का वक़्त आ गया है। अब इस वक़्त को थामने का वक़्त आ गया है।
मैं गजल बनू और तू गालिब हो जाए। मैं गजल बनू और तू गालिब हो जाए।
व्यायाम ने मुझे कुछ ऐसे छुआ, बन गया मेरे जीवन का अहम हिस्सा। व्यायाम ने मुझे कुछ ऐसे छुआ, बन गया मेरे जीवन का अहम हिस्सा।
है अलग तू सुन अपने मन की, कर वही जो मर्ज़ी है अपनी। है अलग तू सुन अपने मन की, कर वही जो मर्ज़ी है अपनी।
इस बार उन्होंने मारी फूंक उसमें, और हमने फूंक वाली उड़ान को फिर से जिया। इस बार उन्होंने मारी फूंक उसमें, और हमने फूंक वाली उड़ान को फिर से जिया।
किसी के लिए ना बोलूं मैं कोई ग़लत शब्द, हां मैं हूं सबसे हटके, मैं हूं सब से अलग। किसी के लिए ना बोलूं मैं कोई ग़लत शब्द, हां मैं हूं सबसे हटके, मैं हूं सब से अल...