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हिन्दी साहित्य मंच अररिया

Romance

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होली के मादक पल

होली के मादक पल

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होली के इस मादक पल में

अपने सभी याद आ गए।

रंगोत्सव की मधुर वेला में

आप मेरी दिलों में छा गए।


कोयल की मिसरी सी बोली

दिल की मेरी बेकरारी बढ़ा गई।

धड़कनें इस तरह से बढ़ती गई

कि आप सांसों में समा गए।


कुछ इस तरह से शर्माना,

नजरें झुकाना

मदमस्त, मदहोश सी

करती गई निगाहें आपकी।


ख़ामोश और मासूम

अदाएं आपकी

मेरी दिल को छू गई।

निगाहों का मिलना,

चेहरों का खिलना

धीरे धीरे मेरी रूहों में बस गए।


मिलन हुआ रंगों का जब

इक दूजे में समा गए।

होली के इस मनभावन पल में

दोनों इक दूजे के करीब हो गए।


आपके होठों की लाली

चेहरों पर रंगों की लाली।

कुछ इस तरह में बस गए कि

होली के इस मनोरम क्षण में।


दोनों इक दूजे के हो गए

आप फिर से मेरे हो गए।


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