STORYMIRROR

Minal Aggarwal

Inspirational

4  

Minal Aggarwal

Inspirational

हमदर्दी का दिखावा

हमदर्दी का दिखावा

1 min
174

हमदर्दी का जो 

कुछ जरूरत से ज्यादा ही 

दिखावा करे

उससे दूर रहो 

जो तुमसे दूर है 

उससे तो तुम दूर हो ही 

एक उचित दूरी 

हर रिश्ते में जरूरी है 

करीब आने पर 

जो पता चलती है

एक दूसरे की कमजोरियां फिर 

लोग खेलते हैं भावनाओं से 

ऐसे व्यवहार से 

दिल को फिर चोट बहुत 

लगती है 

एक मां बाप के अलावा 

इस दुनिया में 

तुम्हारा कोई शुभचिंतक नहीं 

यह बात भलीभांति समझ लो 

इसकी मन में गांठ बांध लो 


कहने को तो 

दुनिया भरी पड़ी है 

अच्छे लोगों से पर 

सबकी किस्मत अच्छी कहां होती है 

दिल से 

किसी का भला चाहने वाले

इस दुनिया में

कम ही मिलते हैं

जीवन की राह बेशक है 

फूलों से भरी पर 

पथ में पग पग पे

कांटे भी बिछे हैं 

फूलों के संग भी कांटे उगे

हुए हैं

संभल संभल कर चलना 

यह जीवन तुम्हारा है 

किसी के बहकावे में आकर 

दौड़ने लगे 

गिर पड़े या कांटे चुभे तो

इस गलती का जिम्मा फिर 

तुम्हारा है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational