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Dibakar Karmakar

Abstract

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Dibakar Karmakar

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हम दिल के अच्छे हैं

हम दिल के अच्छे हैं

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सोना थोड़ा ज्यादा पसंद है

आलास भी शरीर में अच्छी खासी है,

पढाई में कमजोर जरूर हैंं

लेकिन हम दिल के अच्छे हैंं।


नालायक माँ बोलती थी

नालायक माँ बोलती हैं,

काम करने में हम कच्चे जरूर हैं

लेकिन हम दिल के अच्छे हैं

हां, हम दिल के अच्छे हैं।


मुंह के थोड़े बड़बोले हैं

गलती से मुंह से गलत भी निकाल देते  हैं,

गांधीगिरी के साथ साथ कभी कभी

हम सुभाष गिरी भी दिखा देते हैं।


पसंद तो सब लोग करते हैं

लेकिन हम दिल से सच्चा प्यार करते हैं,

प्यार करने के साथ साथ 

हम उस प्यार को भी निभाते हैं।


स्टाइल हमसे होती नहीं

सूइट बूट पहनने में हम अभी भी कच्चे हैं,

क्या करें गले में गमछा पहन के निकल जाते हैं

लेकिन हम दिल के अच्छे हैं

हां, हम दिल के अच्छे हैं।



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