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Deepa Joshi Dhawan

Abstract

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Deepa Joshi Dhawan

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हिंदुस्तान

हिंदुस्तान

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जब हिन्दू करें कुबूल मस्जिद से दी अजान

मंदिर मस्जिद को बराबर कह दें मुसलमान


रौनक, चाहत और कबीर हों बच्चों के नाम

बस आदमियत झांके मज़हब रहे गुमनाम


दिल बोले तिरंगा है सबकी आन बान शान

उस दिन गर्व से कहना ये हमारा हिन्दुस्तान।


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