Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Vidhi Mishra

Abstract Classics


4.5  

Vidhi Mishra

Abstract Classics


हिंदी

हिंदी

1 min 227 1 min 227

मान है,

सम्मान है,

तू मेरा स्वाभिमान है,

तू ही मेरा अभिमान है।


पहले बोल तुझमें ही बोले,

तुझमें ही सोचा हर क्षण,

लाख हों तेरे देश में दलाल विदेशी भाषाओं के

पर न चुका सकेंगे तेरा ऋण।


तू श्वेत है, सम्पूर्ण है,

सनातन की वाणी है,

दौर चाहे हज़ार बदलें,

तू ज़ुबाँ हमारी पुरानी है।


माना तू कुछ खो सी गयी है,

तेरे अस्तित्व पर सवाल खड़े करने वाले

'सुशिक्षित' कई हज़ार हैं,

पर न भूलें वो ग़ुलाम अंग्रेज़ी के,

तू असल वजूद हमारा है,

शान है तू हिन्द की, तुझसे ही हिंदुस्तान है।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Vidhi Mishra

Similar hindi poem from Abstract